हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से माताएं अपने बच्चों की लंबी आयु और स्वस्थ जीवन के लिए करती हैं। जिस प्रकार करवा चौथ का व्रत पति की दीर्घायु के लिए रखा जाता है, उसी प्रकार अहोई अष्टमी का व्रत संतान की सुरक्षा और आयु वृद्धि के लिए किया जाता है। इस व्रत में माताएं निर्जला उपवास रखकर अहोई माता की पूजा करती हैं और संतान के सुखमय भविष्य की कामना करती हैं।
समय के साथ इस व्रत की मान्यताओं में भी बदलाव आया है। पहले इसे केवल पुत्र की दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य के लिए माना जाता था, लेकिन आज माताएं यह व्रत बेटों और बेटियों दोनों के लिए समान रूप से करती हैं। संतानवती महिलाएं तो यह व्रत करती ही हैं, वहीं संतान की इच्छा रखने वाली महिलाएं भी अहोई अष्टमी का व्रत करती हैं। इस दिन अहोई माता की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और उन्हें यह व्रत समर्पित माना जाता है। चलिए अब जानते है की 2025 में अहोई अष्टमी कब हैं – 2025 Mein Ahoi Ashtami Kab Hai
2025 में अहोई अष्टमी कब हैं – 2025 Mein Ahoi Ashtami Kab Hai
अहोई अष्टमी की पूजा के लिए अहोई माता की तस्वीर, व्रत कथा की पुस्तक, जल से भरा लोटा या कलश, गंगाजल, फूल, धूपबत्ती, घी, रोली, कलावा, अक्षत, सूखा आटा, गाय का दूध और करवा की आवश्यकता होती है, वहीं श्रृंगार सामग्री में लाल चुनरी, बिंदी, सिंदूर, काजल, लाली, चूड़ी और आलता शामिल की जाती है। धर्मग्रंथों के अनुसार अहोई माता देवी पार्वती का दिव्य स्वरूप मानी जाती हैं, जो बच्चों की रक्षा करती हैं और उनके दीर्घायु तथा स्वस्थ जीवन का आशीर्वाद देती हैं। यही कारण है कि माताएं न केवल संतान की लंबी आयु के लिए बल्कि प्रसव या प्रजनन संबंधी कठिनाइयों से मुक्ति की कामना हेतु भी यह व्रत रखती हैं।
2025 Mein Ahoi Ashtami Kab Hai- अहोई अष्टमी व्रत संतान की दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य के लिए किया जाता है। जैसे करवा चौथ का व्रत पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है, उसी प्रकार अहोई अष्टमी का व्रत माताएं अपने बच्चों की सुरक्षा और स्वस्थ जीवन के लिए करती हैं। इस वर्ष अहोई अष्टमी का व्रत 13 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। यह व्रत कठिन माना जाता है, क्योंकि इसमें माताएं निर्जला उपवास रखती हैं और शाम को तारों की पूजा करने के बाद व्रत का पारण करती हैं।
पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण अष्टमी तिथि 13 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12:24 बजे से प्रारंभ होकर 14 अक्टूबर की सुबह 11:09 बजे तक रहेगी। अहोई अष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05:53 से रात 07:08 तक है। इस दिन तारों को देखने का समय शाम 06:17 बजे होगा, जबकि चंद्रोदय रात 11:20 बजे होगा।