कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी को मनाया जाने वाला धनतेरस दीपावली पर्व की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। यह दिन समृद्धि और शुभता का संदेश लेकर आता है। परंपरा के अनुसार, इस दिन नए बर्तन या धन-संपत्ति की खरीदारी शुभ मानी जाती है। धनतेरस पर मृत्यु के देवता यमराज और आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व है। भारतीय संस्कृति में सदैव कहा गया है कि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है — “पहला सुख निरोगी काया, दूजा सुख घर में माया।” इसी विचार के अनुरूप दीपावली की शुरुआत धनतेरस से होती है, जो आरोग्य और समृद्धि दोनों का प्रतीक है।
शास्त्रों के अनुसार, समुद्र मंथन के समय कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। उन्हें भगवान विष्णु का अंशावतार माना जाता है, जिनका अवतार संसार में चिकित्सा विज्ञान के विस्तार और लोककल्याण के लिए हुआ था। भगवान धन्वंतरि के प्रकट होने के उपलक्ष्य में ही धनतेरस का पर्व मनाया जाता है, जो हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक धन आरोग्य और दीर्घायु में निहित है। चलिए अब जानते हैं की धनतेरस 2026 में कब हैं – Dhanteras 2026 Mein Kab Hai
2026 में धनतेरस कब हैं – 2026 Mein Dhanteras Kab Hai
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| 2026 में धनतेरस कब हैं | 6 नवम्बर 2026 |
| 2026 में धनतेरस किस दिन हैं | शुक्रवार |
| धनतेरस 2026 का शुभ मुहूर्त क्या हैं | शाम 06:02 बजे से 07:57 बजे तक |
| शुभ मुहूर्त की अवधि | 1 घंटा 56 मिनट्स |
| त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ | 06, नवम्बर 2026 को सुबह 10:30 बजे |
| त्रयोदशी तिथि समाप्त | 07, नवम्बर 2026 को सुबह 10:47 बजे |
धनतेरस 2026 में कब हैं – Dhanteras 2026 Mein Kab Hai
धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी या धन्वंतरि त्रयोदशी भी कहा जाता है, दिवाली की पांच दिवसीय उत्सव श्रृंखला की शुरुआत का प्रतीक है। यह पर्व आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि के जन्म दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। “धनतेरस” शब्द “धन” और “त्रयोदशी” से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है धन-संपदा से जुड़ी तेरहवीं तिथि। हिन्दू पंचांग के अनुसार, यह उत्सव कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। धनतेरस का दिन आरोग्य, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है, जो दीपावली की रोशनी, उमंग और आनंद की शुरुआत का संदेश देता है।
2026 Mein Dhanteras Kab Hai– वर्ष 2026 में धनतेरस का पर्व शुक्रवार, 6 नवम्बर को मनाया जाएगा। यह शुभ दिन दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन को स्वास्थ्य, समृद्धि और शुभता से जोड़ा जाता है। धनतेरस के अवसर पर लोग नए बर्तन, आभूषण या कीमती वस्तुएं खरीदते हैं, जिससे घर में सौभाग्य और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
धनतेरस शुभ मुहूर्त 2026 – Dhanteras 2026 Shubh Muhurat
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त 6 नवम्बर 2026 को शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक रहेगा। इस अवधि की कुल अवधि 1 घंटा 56 मिनट की होगी। इस दिन प्रदोष काल 5:33 PM से 8:09 PM तक रहेगा, जबकि वृषभ काल, जो धनतेरस पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है, 6:02 PM से 7:57 PM तक रहेगा। त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 6 नवम्बर को सुबह 10:30 बजे होगी और यह तिथि 7 नवम्बर को सुबह 10:47 बजे समाप्त होगी। इसी दिन यम दीपम का भी विशेष महत्व है, जो शाम के समय यमराज की कृपा प्राप्ति के लिए जलाया जाता है।