भाई दूज दीपावली के त्योहार के अंतिम दिन मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए तिलक करती हैं और भाई अपनी बहन को उपहार देता है।
भाई दूज
भाई दूज 2026 में कब है
भाई दूज की परंपरा यमराज और उनकी बहन यमुना से जुड़ी हुई है। कथा के अनुसार, कार्तिक मास की द्वितीया तिथि पर यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने उनके घर पहुँचे। यमुना ने उनका तिलक किया, आरती उतारी और प्रेमपूर्वक भोजन कराया। अपनी बहन के स्नेह से प्रसन्न होकर यमराज ने आशीर्वाद दिया कि इस दिन जो भी भाई अपनी बहन के घर जाकर तिलक करवाएगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा।
भाई दूज 2025 में कब हैं
यह खास दिन भाई-बहन के गहरे और अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए पारंपरिक विधियाँ निभाती हैं। इसके बदले भाई अपनी बहनों की रक्षा और देखभाल का संकल्प लेते हैं तथा उन्हें स्नेहभरे उपहार भेंट करते हैं।