दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहते हैं, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह पर्व भगवान राम द्वारा रावण का वध करने और देवी दुर्गा द्वारा महिषासुर का संहार करने की कथा पर आधारित है।
दशहरा
दशहरा 2026 में कब हैं
मान्यता है कि इसी तिथि को भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म की स्थापना की थी और मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया था। यह पर्व नवरात्रि के समापन का प्रतीक होने के साथ-साथ साहस, धर्म और सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा देता है।
दशहरा 2025 में कब हैं
हिंदू पंचांग के अनुसार रावण दहन प्रदोष काल में करना शास्त्रसम्मत माना जाता है। इस बार सूर्यास्त का समय शाम 6:05 बजे रहेगा और प्रदोष काल शाम 6:30 बजे से रात 8:30 बजे तक रहेगा। अतः रावण दहन के लिए यही समय सबसे शुभ माना जाएगा।