दिसंबर में एकादशी कब हैं

December Mein Ekadashi Kab Hai

जो व्यक्ति श्रद्धा भाव से एकादशी का व्रत करता है, वह पुण्यफल प्राप्त कर उत्तम लोक को जाता है और अंततः मोक्ष को प्राप्त होता है। इस व्रत की शुरुआत दशमी तिथि से नियम-संयम के साथ की जाती है और द्वादशी को पारण किया जाता है। एकादशी के दिन उपवास, दान-पुण्य, रात्रि जागरण और भगवान के भजन-कीर्तन का विशेष महत्व बताया गया है।

नवंबर में एकादशी कब हैं

नवंबर में एकादशी कब हैं | November Mein Ekadashi Kab Hai

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह में दो एकादशी व्रत आते हैं — एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में। इन व्रतों का आरंभ चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की ‘पापमोचिनी एकादशी’ से होता है और समापन फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की ‘आमलकी एकादशी’ के साथ होता है। इसी क्रम में नवंबर माह में भी दो एकादशी व्रत पड़ेंगे, जिनका धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्व है।

2026 में एकादशी कब कब हैं

2026 में एकादशी का व्रत कब हैं | 2026 Mein Ekadashi Ka Vrat Kab Hai

महाभारत काल में भी इस व्रत का विशेष महत्व रहा है। पांडवों और पितामह भीष्म ने भी एकादशी व्रत का पालन किया था। कथा के अनुसार, इसी व्रत के प्रभाव से भीष्म पितामह ने अपनी मृत्यु का समय स्वयं चुना था। एकादशी व्रत न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आत्मसंयम, साधना और दिव्य ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है।

3 अक्टूबर को कौन सी ग्यारस हैं

3 अक्टूबर को कौन सी एकादशी हैं 2025 | 3 October Ko Konsi Ekadashi Hai 2025

पापांकुशा का अर्थ है पापों को अंकुश लगाने वाली, इसलिए इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख-शांति और मानसिक संतोष प्राप्त होता है। व्रत के दौरान नियमों का पालन करना आवश्यक है, क्योंकि इससे व्रत का पूर्ण फल मिलता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कर्म और भक्ति से व्यक्ति अपने किए गए पापों से मुक्त होकर मोक्ष की ओर अग्रसर होता है।

अक्टूबर में एकादशी कब हैं

अक्टूबर में एकादशी कब हैं | October Mein Ekadashi Kab Hai

हिंदू धर्म के अनुसार, प्रत्येक मास में आने वाली एकादशी तिथि को विशेष रूप से भगवान विष्णु की आराधना के लिए माना जाता है। यह दिन धर्म, शांति और आत्मिक उन्नति का प्रतीक है। भक्त इस दिन निर्जल या फलाहार का उपवास रखते हैं और विष्णु जी की भव्य पूजा-अर्चना करते हैं। मास में कुल दो बार आने वाली एकादशी का उद्देश्य मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ प्रदान करना है।

देवउठनी एकादशी कब हैं 2025

2025 में देवउठनी एकादशी कब हैं | 2025 Mein Dev Uthani Ekadashi Kab Hai

हर साल देवउठनी एकादशी के अगले दिन तुलसी विवाह का पर्व मनाया जाता है। कभी-कभी तिथि के संयोग से ये दोनों पर्व एक ही दिन …

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