करवाचौथ हिंदू विवाहित महिलाओं का प्रमुख व्रत है जो पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से चंद्रमा के दर्शन तक निर्जला उपवास रखती हैं।
करवाचौथ
करवाचौथ पर चाँद कितने बजे निकलेगा
चंद्रोदय के बाद मिट्टी के करवे से चंद्रमा को अर्घ्य देकर महिलाएं अपने पति के हाथों से पानी पीकर व्रत तोड़ती हैं। यह पर्व वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है और पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
करवाचौथ पर चाँद कब निकलेगा
इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए सोलह श्रृंगार करती हैं और निर्जला उपवास रखती हैं। परंपरा के अनुसार, महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करती हैं और पूरे दिन बिना अन्न-जल के व्रत का पालन करती हैं। शाम को पूजा-अर्चना कर चंद्रमा के दर्शन और पति के दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है।
करवाचौथ 2026 में कब हैं
करवा चौथ के दिन महिलाएं करवा माता की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर व्रत कथा का पाठ करती हैं और जीवन में सुख-शांति तथा वैवाहिक सौभाग्य की कामना करती हैं। इस दिन इत्र, केसर, सिंदूर और लाल चुनरी का दान करना शुभ माना जाता है, जिससे दांपत्य जीवन में खुशहाली और सौहार्द बना रहता है।
करवाचौथ 2025 में कब हैं
इस साल का करवा चौथ व्रत लगभग 14 घंटे का होगा, जिसका प्रारंभ सूर्योदय के साथ सुबह 6 बजकर 19 मिनट पर होगा और समापन चंद्रोदय के समय रात 8 बजकर 13 मिनट पर होगा। इस प्रकार व्रती महिलाएं पूरे 13 घंटे 54 मिनट तक निर्जला उपवास रखेंगी।