पद्म पुराण में एकादशी व्रत की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन मिलता है। कहा गया है कि पांडव पुत्र भीम ने जब महर्षि वेद व्यास से मुक्ति का उपाय पूछा, तो उन्होंने उन्हें ज्येष्ठ मास की निर्जला एकादशी का व्रत करने की सलाह दी। यद्यपि वर्ष में 24 एकादशी आती हैं, लेकिन जो सभी व्रत नहीं कर पाते, वे प्रमुख एकादशियों जैसे — देवशयनी, देवप्रबोधिनी, निर्जला, मोक्षदा और पापमोचनी एकादशी का व्रत रखते हैं। कुछ लोग व्रत न रख पाने पर भी इस दिन चावल का सेवन नहीं करते, क्योंकि शास्त्रों में चावल खाने की मनाही बताई गई है।
जो व्यक्ति श्रद्धा भाव से एकादशी का व्रत करता है, वह पुण्यफल प्राप्त कर उत्तम लोक को जाता है और अंततः मोक्ष को प्राप्त होता है। इस व्रत की शुरुआत दशमी तिथि से नियम-संयम के साथ की जाती है और द्वादशी को पारण किया जाता है। एकादशी के दिन उपवास, दान-पुण्य, रात्रि जागरण और भगवान के भजन-कीर्तन का विशेष महत्व बताया गया है। अब चलिए जानते हैं की दिसंबर में एकादशी कब हैं 2025 – December Mein Ekadashi Kab Hai 2025
दिसंबर 2025 में एकादशी व्रत – Ekadashi Vrat in December 2025
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| महीना | दिसंबर 2025 |
| दिसंबर में एकादशी व्रत कौन कौन से हैं | मोक्षदा एकादशी सफला एकादशी पौष पुत्रदा एकादशी |
| दिसंबर में एकादशी की तारीख क्या हैं | मोक्षदा एकादशी – 01 दिसंबर 2025 सफला एकादशी – 15 दिसंबर 2025 पौष पुत्रदा एकादशी – 31 दिसंबर 2025 |
दिसंबर में एकादशी कब हैं 2025 – December Mein Ekadashi Kab Hai 2025
दिसंबर 2025 में कुल तीन एकादशियां पड़ रही हैं। पहली मोक्षदा एकादशी 1 दिसंबर 2025, सोमवार को है, जिसका आरंभ 30 नवंबर की रात 9:29 बजे से होकर 1 दिसंबर की शाम 7:01 बजे तक रहेगा। इसके बाद सफला एकादशी 15 दिसंबर 2025, सोमवार को पड़ेगी, जो 14 दिसंबर की शाम 6:49 बजे से आरंभ होकर रात 9:19 बजे तक रहेगी। महीने की अंतिम पौष पूर्णिमा एकादशी 30 दिसंबर 2025, मंगलवार को है, जो 30 दिसंबर की सुबह 7:50 बजे से शुरू होकर 31 दिसंबर की सुबह 5:00 बजे तक रहेगी।