दिसंबर में एकादशी कब हैं

December Mein Ekadashi Kab Hai

जो व्यक्ति श्रद्धा भाव से एकादशी का व्रत करता है, वह पुण्यफल प्राप्त कर उत्तम लोक को जाता है और अंततः मोक्ष को प्राप्त होता है। इस व्रत की शुरुआत दशमी तिथि से नियम-संयम के साथ की जाती है और द्वादशी को पारण किया जाता है। एकादशी के दिन उपवास, दान-पुण्य, रात्रि जागरण और भगवान के भजन-कीर्तन का विशेष महत्व बताया गया है।

नवंबर में एकादशी कब हैं

नवंबर में एकादशी कब हैं | November Mein Ekadashi Kab Hai

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह में दो एकादशी व्रत आते हैं — एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में। इन व्रतों का आरंभ चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की ‘पापमोचिनी एकादशी’ से होता है और समापन फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की ‘आमलकी एकादशी’ के साथ होता है। इसी क्रम में नवंबर माह में भी दो एकादशी व्रत पड़ेंगे, जिनका धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्व है।

3 अक्टूबर को कौन सी ग्यारस हैं

3 अक्टूबर को कौन सी एकादशी हैं 2025 | 3 October Ko Konsi Ekadashi Hai 2025

पापांकुशा का अर्थ है पापों को अंकुश लगाने वाली, इसलिए इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख-शांति और मानसिक संतोष प्राप्त होता है। व्रत के दौरान नियमों का पालन करना आवश्यक है, क्योंकि इससे व्रत का पूर्ण फल मिलता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कर्म और भक्ति से व्यक्ति अपने किए गए पापों से मुक्त होकर मोक्ष की ओर अग्रसर होता है।

अक्टूबर में एकादशी कब हैं

अक्टूबर में एकादशी कब हैं | October Mein Ekadashi Kab Hai

हिंदू धर्म के अनुसार, प्रत्येक मास में आने वाली एकादशी तिथि को विशेष रूप से भगवान विष्णु की आराधना के लिए माना जाता है। यह दिन धर्म, शांति और आत्मिक उन्नति का प्रतीक है। भक्त इस दिन निर्जल या फलाहार का उपवास रखते हैं और विष्णु जी की भव्य पूजा-अर्चना करते हैं। मास में कुल दो बार आने वाली एकादशी का उद्देश्य मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ प्रदान करना है।

शरद पूर्णिमा कब हैं

2025 में शरद पूर्णिमा कब हैं | 2025 Mein Sharad Purnima Kab Hai

धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि जो व्यक्ति इस रात जागरण कर पूजा-अर्चना करता है या किसी शुभ कार्य में संलग्न रहता है, उसे सुख, धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन का महत्व केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी विशेष है।

छठ पूजा कब हैं 2025

2025 में छठ पूजा कब हैं | 2025 Mein Chhath Puja Kab Hai

हर साल कार्तिक माह में छठ पूजा का आयोजन बड़े धूमधाम और आस्था के साथ किया जाता है। इस माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या …

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देवउठनी एकादशी कब हैं 2025

2025 में देवउठनी एकादशी कब हैं | 2025 Mein Dev Uthani Ekadashi Kab Hai

हर साल देवउठनी एकादशी के अगले दिन तुलसी विवाह का पर्व मनाया जाता है। कभी-कभी तिथि के संयोग से ये दोनों पर्व एक ही दिन …

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धनतेरस 2025 में कब हैं

2025 में धनतेरस कब हैं | 2025 Mein Dhanteras Kab Hai

पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्योदय सुबह 6:24 पर और सूर्यास्त शाम 5:48 पर होगा, जबकि ब्रह्म मुहूर्त 4:43 से 5:33 तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2:00 से 2:46 तक, गोधूलि मुहूर्त 5:48 से 6:14 तक और निशिता मुहूर्त रात 11:41 से 12:31 तक रहेगा।

दशहरा 2025 में कब हैं

2025 में दशहरा कब हैं | 2025 Mein Dussehra Kab Hai

हिंदू पंचांग के अनुसार रावण दहन प्रदोष काल में करना शास्त्रसम्मत माना जाता है। इस बार सूर्यास्त का समय शाम 6:05 बजे रहेगा और प्रदोष काल शाम 6:30 बजे से रात 8:30 बजे तक रहेगा। अतः रावण दहन के लिए यही समय सबसे शुभ माना जाएगा।

अहोई अष्टमी 2025 में कब हैं

2025 में अहोई अष्टमी कब हैं | 2025 Mein Ahoi Ashtami Kab Hai

हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से …

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