2026 में एकादशी कब कब हैं
महाभारत काल में भी इस व्रत का विशेष महत्व रहा है। पांडवों और पितामह भीष्म ने भी एकादशी व्रत का पालन किया था। कथा के अनुसार, इसी व्रत के प्रभाव से भीष्म पितामह ने अपनी मृत्यु का समय स्वयं चुना था। एकादशी व्रत न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आत्मसंयम, साधना और दिव्य ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है।